चार्ल्स लेक्लर की हालिया मुश्किलों को केवल लुईस हैमिल्टन की फॉर्म में वापसी का नतीजा नहीं कहा जा सकता। स्रोत में दिए गए संकेत अधिकतर कनाडा और मोनाको में ब्रेकिंग से जुड़ी समस्याओं की ओर इशारा करते हैं, और फिर स्पेन में टर्न फोर पर Q3 में हुई महंगी गलती की ओर, जबकि पूरे वीकेंड में लेक्लर प्रतिस्पर्धी दिखे थे।
बार्सिलोना-कैटालुन्या में हैमिल्टन की जीत ने फेरारी के सीज़न में बड़ा मोड़ ज़रूर दिया। BBC रिपोर्ट के मुताबिक यह उनकी करियर की 106वीं जीत थी और फेरारी के लिए पहली, जिससे वे चैंपियनशिप में दूसरे स्थान पर पहुँच गए, और रेस से रिटायर होने वाले किमी एंटोनेली से 41 अंक पीछे हैं।
इस नतीजे को संदर्भ के साथ देखना होगा। फेरारी का एयरोडायनामिक अपग्रेड बार्सिलोना के कॉर्नर-आधारित लेआउट पर काफी अनुकूल दिखा, जबकि मर्सिडीज की रणनीतिक पसंद और वर्चुअल सेफ्टी कार ने रेस के रुख को प्रभावित किया। वही स्रोत यह भी चेतावनी देता है कि अगर फेरारी की पावर कमजोरी बनी रही तो ऑस्ट्रिया, ब्रिटेन और बेल्जियम में उन्हें कठिन परीक्षा मिल सकती है।
लेक्लर के लिए स्पेन सिर्फ आत्मविश्वास की कमी की कहानी नहीं थी। रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने हैमिल्टन के ब्रेक सेटअप के करीब जाने की कोशिश की, Q3 से पहले मजबूत गति दिखाई, और फिर उस मोड़ पर हमला करते हुए क्रैश कर गए जहाँ हैमिल्टन खास तौर पर मज़बूत थे। फेरारी ने रेस के दौरान लेक्लर की रणनीति भी बदली, जिससे हैमिल्टन के मुकाबले उनकी रफ्तार प्रभावित हो सकती है।
टीम के भीतर की तस्वीर अब भी काफ़ी संतुलित है: क्वालीफाइंग में हैमिल्टन 6-4 से आगे हैं, लेकिन औसत गति के लिहाज़ से लेक्लर मामूली रूप से तेज़ बताए गए हैं। इसलिए फेरारी के लिए आने वाली रेसें सिर्फ खिताबी उम्मीदों के लिए नहीं, बल्कि यह समझने के लिए भी अहम होंगी कि क्या बार्सिलोना एक वास्तविक मोड़ था या सिर्फ सर्किट-विशेष श्रेष्ठता।


चर्चा
चर्चा में भाग लेने के लिए साइन इन करें।
साइन इन / रजिस्टर करें