नॉनी माडुएके ने चेतावनी दी है कि विश्व कप के अंतिम-32 मुकाबले में इंग्लैंड को डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो को आसान प्रतिद्वंद्वी नहीं मानना चाहिए। इंग्लैंड के विंगर को बुधवार को अटलांटा में होने वाले इस मैच में चुनौतीपूर्ण मुकाबले की उम्मीद है और वे घाना के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ जैसी स्थिति से बेहतर आक्रामक प्रदर्शन देखना चाहते हैं।
इंग्लैंड के सामने समस्या परिचित है: प्रतिद्वंद्वी गहरी रक्षा में बैठकर जगह कम कर देते हैं और काउंटर पर खेलते हैं। डीआरसी से भी इसी तरह की सामरिक चुनौती मिलने की उम्मीद है, और उनकी टीम में योआने विस्सा तथा नोआ सिदिकी जैसे प्रीमियर लीग से जुड़े खिलाड़ी शामिल हैं, इसलिए इंग्लैंड के लिए मैच को सावधानी से लेना और भी जरूरी हो जाता है।
माडुएके की अपनी भूमिका भी चयन से जुड़ी चर्चा का हिस्सा है। उन्होंने क्रोएशिया और घाना के खिलाफ शुरुआत की थी, जबकि पनामा के खिलाफ जीत में बुकायो साका आए थे और उनके दाहिनी ओर बने रहने की उम्मीद है। माडुएके ने आर्सेनल और इंग्लैंड, दोनों स्तरों पर इस प्रतिस्पर्धा को सकारात्मक दबाव बताया।
इंग्लैंड ने पेनल्टी पर भी काम किया है, और माडुएके ने स्पॉट-किक के मानसिक पहलू के साथ तकनीकी बारीकियों का भी जिक्र किया। ऐसे नॉकआउट मैच में, जहां अंतर तेजी से बहुत कम हो सकता है, इंग्लैंड के लिए चुनौती सिर्फ खेल पर नियंत्रण रखना नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त समय तक जाने के लिए भी तैयार रहना है।


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