सऊदी अरब का पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड इस सीजन के बाद LIV Golf को दी जा रही वित्तीय मदद खत्म करने जा रहा है, जिससे इस अलग होकर बनी गोल्फ़ सीरीज़ का भविष्य अनिश्चित हो गया है। इसका मतलब यह नहीं कि सऊदी अरब खेल से पीछे हट रहा है, लेकिन यह जरूर संकेत देता है कि खर्च को लेकर उसका रुख अब अधिक चयनात्मक हो सकता है।
BBC की रिपोर्ट के मुताबिक पीआईएफ ने LIV पर लिए गए फैसले को अपनी संशोधित निवेश रणनीति का हिस्सा बताया, जिसका फोकस लंबे समय के मूल्य पर है। यह इसलिए अहम है क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में सऊदी अरब ने वैश्विक खेलों में भारी निवेश किया है—फुटबॉल, बॉक्सिंग, फ़ॉर्मूला 1, टेनिस और बड़े आयोजनों की मेजबानी तक—और 2034 में पुरुषों का फीफा विश्व कप भी वहीं होना है।
रिपोर्ट के अनुसार सऊदी से जुड़ी कई अन्य खेल योजनाओं में भी बदलाव आया है, जिनमें कुछ आयोजनों का टलना, रद्द होना या समझौते का न बढ़ाया जाना शामिल है। फिर भी तस्वीर पूरी तरह वापसी की नहीं है: बॉक्सिंग, ईस्पोर्ट्स, फुटबॉल से जुड़ी प्रतिबद्धताएँ और बुनियादी ढाँचे की परियोजनाएँ अब भी व्यापक परिदृश्य का हिस्सा बनी हुई हैं, और रिपोर्ट कहती है कि न्यूकैसल यूनाइटेड के प्रति पीआईएफ की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता अपरिवर्तित है।
संपादकों और प्रशंसकों के लिए मुख्य सवाल यह है कि क्या LIV Golf अपने घाटे और अनिश्चित दिशा के कारण एक विशेष मामला था, या यह इस बात का शुरुआती संकेत है कि अब सऊदी समर्थित खेलों को घरेलू मूल्य और वित्तीय स्थिरता का अधिक स्पष्ट सबूत देना होगा।


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