ब्रिटिश खिलाड़ियों ने 2016 के उस यादगार वीकेंड में विम्बलडन की पांच ट्रॉफियां जीतीं, और एंडी मरे की मिलोस राओनिक पर सीधे सेटों की जीत उस कहानी का सबसे बड़ा पल बनी। बीबीसी की यह पुनरावलोकन रिपोर्ट उस दौर को ब्रिटिश टेनिस की चरम उपलब्धि और SW19 में खेल रहे आज के खिलाड़ियों के लिए एक संदर्भ बिंदु के रूप में देखती है।
मरे ने राओनिक को 6-4, 7-6 (7-3), 7-6 (7-2) से हराकर अपना दूसरा विम्बलडन पुरुष एकल खिताब जीता। यह जीत और भी बड़ी इसलिए लगी क्योंकि वह पहले से अच्छी फॉर्म में थे, 2013 के खिताब के बाद राष्ट्रीय दबाव का कुछ हिस्सा कम कर चुके थे, और बाद में 2016 में दोहरी ओलंपिक एकल चैंपियनशिप तथा विश्व नंबर एक बनने वाले थे।
यह वीकेंड सिर्फ मरे तक सीमित नहीं था। गॉर्डन रीड ने स्टेफान ओल्सन को व्हीलचेयर एकल फाइनल में हराया, रीड और अल्फी हेवेट ने उससे एक दिन पहले व्हीलचेयर युगल खिताब जीता था, जोर्डाने व्हाइली और युई कामिजी ने महिला व्हीलचेयर युगल खिताब जोड़ा, और हेदर वॉटसन ने हेनरी कोन्तिनेन के साथ मिश्रित युगल जीता।
दस साल बाद, इसका असर आंशिक रूप से आँकड़ों में और आंशिक रूप से भावनाओं में दिखता है। बीबीसी लेख उस वीकेंड की सफलता को विम्बलडन में आज की ब्रिटिश मौजूदगी से जोड़ता है, जिसमें जैक ड्रेपर के कोचिंग बॉक्स में मरे की कथित वापसी भी शामिल है, और साथ ही यह भी याद दिलाता है कि जश्न और करियर-टोटल से जुड़ी कुछ स्मृतियों को संभालते समय सावधानी जरूरी हो सकती है।


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