लुईस हैमिल्टन ने बार्सिलोना-कैटालुन्या ग्रां प्री जीतकर फेरारी के लिए अपनी पहली ग्रां प्री जीत दर्ज की। जॉर्ज रसेल दूसरे और लैंडो नॉरिस तीसरे स्थान पर रहे, और इस तरह फॉर्मूला 1 में 1968 के संयुक्त राज्य ग्रां प्री के बाद पहली बार पूरी तरह ब्रिटिश पोडियम बना।
इस नतीजे का महत्व इसलिए और बढ़ गया क्योंकि फेरारी के साथ हैमिल्टन के पहले सीज़न में 24 रेसों में उन्हें कोई ग्रां प्री पोडियम नहीं मिला था, हालांकि चीन में उन्होंने स्प्रिंट रेस जीती थी। टीम के साथ अपने दूसरे वर्ष में मौजूद सात बार के चैंपियन ने बार्सिलोना की इस सफलता को भावनात्मक रूप से बेहद खास बताया, ऐसे दौर के बाद जिसमें संदेह और आलोचना लगातार बनी रही।
इस रेस ने चैंपियनशिप की तस्वीर भी बदल दी। केमी एंटोनेली, जो दूसरे स्थान पर चल रहे थे, चार लैप शेष रहते रिटायर हो गए, जिससे नॉरिस तीसरे स्थान पर आ गए और ड्राइवर्स स्टैंडिंग्स में एंटोनेली की बढ़त 41 अंकों तक सिमट गई।
रसेल और नॉरिस दोनों ने फेरारी के साथ हैमिल्टन की इस बड़ी उपलब्धि के महत्व को स्वीकार किया। संपादकों के लिए बड़ा सवाल सिर्फ यह नहीं है कि यह एक रेस जीत थी, बल्कि यह भी कि क्या बार्सिलोना हैमिल्टन के फेरारी अध्याय में, एक कठिन पहले वर्ष के बाद, किसी नए मोड़ की शुरुआत है।


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